कुत्ते के काटने से सात साल की लड़की की मौत का मामला कोर्ट पहुंचा। जहां कोर्ट ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन लेने का आदेश दिया। आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।केरल के पुनालुर में एक आवारा कुत्ते के हमले के कारण सात वर्षीय बच्ची की ‘रेबीज’ से मौत हो गई। ये एक साल पुराना मामला है। इस पर अब एक्शन लिया गया है। रेबीज से मासूम की मौत के कारण चार सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
खेलते समय आवारा कुत्ते ने काटा
पथनापुरम निवासी निया फैसल की पिछले साल मई में अपने घर के सामने खेलते समय एक आवारा कुत्ते के हमले के बाद रेबीज के संक्रमण से मौत हो गई थी। उसे पहले पुनालुर स्थित सरकारी तालुक अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में तिरुवनंतपुरम राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थानांतरित किया गया।
कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश
उसकी मौत के बाद परिजन ने पुनालुर अस्पताल के चिकित्सकों पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। परिजन ने इसके बाद मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत की और अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने तथा जांच करने के निर्देश दिए।
डॉक्टरों ने नष्ट किए सबूत
पुनालुर थाने के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुनालुर सरकारी तालुक अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर सुनील कुमार, डॉक्टर देवी लक्ष्मी, डॉक्टर अंजिता और डॉक्टर जयसूर्या के खिलाफ दो दिन पहले मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों पर चिकित्सा लापरवाही और सबूत नष्ट करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।

