गोरखपुर में महिला पर घरेलू हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जान बचाने के लिए दर दर भटकने को मजबूर है। पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए सुरक्षा, आवास और पुनर्वास की मांग की है।
गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र के ग्राम बरबसपुर निवासी चांदनी देवी पत्नी सुनील कुमार ने बताया कि उसका पति शराब का आदी है और आए दिन शराब पीकर उसके साथ और बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करता है। पीड़िता के अनुसार पति न केवल गाली गलौज करता है बल्कि कई बार गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी कर चुका है।
महिला का आरोप है कि ससुराल में उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। सास विद्यावती, ससुर प्रतीक, देवर मोनू और देवरानी सरिता मिलकर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। चांदनी देवी का कहना है कि घर में कुल दस लोग रहते हैं और सभी लोग मिलकर उसे प्रताड़ना देते हैं।
सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़िता ने बताया कि उसके ससुर उसे और बच्चों को घर में जलाकर मार देने की धमकी देते रहते हैं। भय के कारण वह अपने तीनों बच्चों को लेकर अधिकतर समय मायके में रहने को मजबूर है, लेकिन मायके की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। भाई गरीब है और ज्यादा दिन तक सहारा देने की स्थिति में नहीं है।
पीड़िता ने बताया कि ससुराल के घर में न तो किचन है और न ही बाथरूम। घर और दुकान पर देवरानी सरिता का पूरा कब्जा है, जबकि सास औपचारिक रूप से मालकिन बताई जाती है। चांदनी देवी को घर से बार बार निकाल दिया जाता है और रहने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं दी जाती।
महिला का कहना है कि वह अब किसी भी हालत में ससुराल नहीं जाना चाहती क्योंकि वहां उसकी और बच्चों की जान को गंभीर खतरा है। चांदी के ससुराल वालों ने उसके बच्चों को रस को धमकी दी थी कि अगर तुम आओगी तो तुम्हें जला दिया जाएगा मार दिया जाएगा इसीलिए वहां ससुराल नहीं जाना चाहती वह जीना चाहती है बच्चों के लिए पर उनके ससुराल वाले उन्हें जीने नहीं दे रहे हैं बार-बार उत्प्रेरण देते हैं और उनके पति भी पिता खाता है उनका खर्चा भी नहीं देता है और बच्चों की और उसकी जिम्मेदारी उठाता नहीं है इसलिए वह मजबूरन अपने मायके में रह रही हैं उसके पास न तो रहने के लिए घर है और न ही सरकारी राशन कार्ड, जिससे बच्चों का पालन पोषण किया जा सके।
चांदनी देवी ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि उसे और उसके बच्चों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए या कोई ऐसा काम दिया जाए जिससे वह अपने बच्चों की जान बचाकर उनका पालन पोषण कर सके। पीड़िता ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
यह मामला महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन इस पीड़ित महिला और उसके मासूम बच्चों को कब तक न्याय और सुरक्षा प्रदान करता है।
पीड़िता चांदनी देवी
मोबाइल नंबर 821961099
8318647099
