अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत में कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई, पुतिन ने बातचीत के बीच कहा कि अगर मिडिल ईस्ट में फिर सैन्य कार्रवाई होती है तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच ईरान युद्ध, यूक्रेन संघर्ष जैसे कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन कॉल के दौरान ईरान के 970 पाउंड (लगभग 440 किलोग्राम) यूरेनियम रखने वाले मुद्दे पर रूस को एक तीसरे देश (मध्यस्थ) के रूप में काम करने के अपने प्रस्ताव को दोहराया है। ट्रंप ने आगे कहा, “उन्होंने मुझसे कहा कि अगर वह हमारी मदद कर सकते हैं तो वह ईरान में न्यूक्लियर एनरिचमेंट वाली बातचीत में शामिल होना चाहेंगे। मैंने कहा कि मैं चाहूंगा कि आप यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने में शामिल हों। मेरे लिए यह ज्यादा जरूरी होगा क्योंकि हमें यह करना ही होगा।”
मिडिल ईस्ट को लेकर पुतिन ने ट्रंप से कह दी दो टूक बात
पुतिन ने ट्रंप से डेढ़ घंटे से अधिक समय तक फोन पर बातचीत की। पुतिन ने ट्रंप को बताया कि वह विजय दिवस के दौरान युद्धविराम की घोषणा करने के लिए तैयार हैं, और ट्रंप ने इसका समर्थन किया। पुतिन ने ट्रंप से कहा कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल मध्य पूर्व में फिर से सैन्य कार्रवाई का सहारा लेते हैं तो उन्हें बेहद विनाशकारी परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ट्रंप और पुतिन ने वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के नेतृत्व वाली सरकार के व्यवहार के बारे में एक समान आकलन व्यक्त किए, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह संघर्ष को लंबा खींच रहा है। इस तरह की बातचीत होने के बाद फोन कॉल के अंत में पुतिन और ट्रंप ने सौहार्दपूर्ण विदाई ली।

