सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा वार्ड नंबर 6 में पारिवारिक जमीन विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित रविंद्र प्रसाद सिंह ने जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी को आवेदन देकर अपने हिस्से की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने और बिजली के सर्विस पॉइंट का तार लगाने से रोकने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने और परिवार की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
रविंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय तुलसी सिंह की जमीन का आपसी सहमति से वर्ष 2009 में उनके और बड़े भाई नथुनी सिंह के बीच बंटवारा हुआ था। बंटवारे में खेसरा संख्या 8657 की कुल 5 डिसमिल जमीन दोनों भाइयों को आधा-आधा मिली थी। पीड़ित का आरोप है कि उनके हिस्से की करीब 1.5 डिसमिल जमीन पर उनके बड़े भाई नथुनी सिंह ने अवैध कब्जा कर रखा है। जब भी वह इस जमीन को खाली करने की बात करते हैं तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती है।
पीड़ित का कहना है कि पिछले दो वर्षों से इस विवाद को लेकर कई बार झगड़े हो चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने रीगा थाना सहित जिले के कई अधिकारियों को आवेदन दिया, यहां तक कि बिहार के मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रविंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार 8 मार्च 2024 को उन्हें सूचना मिली कि उनकी निजी जमीन पर बिजली का खंभा लगाया जा रहा है और उसी खंभे से लगभग 6 से 7 फीट ऊंचाई पर उनके जमीन के बीच से सर्विस पॉइंट का तार खींचा जा रहा है। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके बड़े भाई नथुनी सिंह, उनकी पत्नी निर्मला देवी, कुछ रिश्तेदार और बिजली विभाग के मिस्त्री अरुण कुमार मौके पर मौजूद थे। पीड़ित का आरोप है कि रोकने के बावजूद वे लोग मानने को तैयार नहीं हुए।
पीड़ित का कहना है कि बिजली मिस्त्री तार जोड़े बिना वहां से चले गए, लेकिन उसके बाद उनके भाई और उनके साथ आए लोगों ने मिलकर उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ते देख वह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले और करीब पांच किलोमीटर दूर सीतामढ़ी पहुंचकर अधिकारियों को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी।
रविंद्र प्रसाद सिंह ने अपने आवेदन में कहा है कि वह इस विवाद के कारण मानसिक रूप से काफी परेशान हो चुके हैं और उन्हें अपने तथा परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके हिस्से की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जाए, बिजली का सर्विस तार उनकी जमीन से न गुजरने दिया जाए और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ित ने आवेदन के साथ जमीन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न करने की बात कही है। अब इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
