रेवाड़ी में जमीन विवाद ने लिया उग्र रूप: विधवा महिला के घर पर हमला, कपड़े फाड़ने और पत्थर-डंडों से मारपीट का आरोप; पुलिस पर भी अनसुनी करने का आरोप

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रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सदर थाना क्षेत्र से पारिवारिक जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महिला आशा देवी ने अपने ही परिवार के कुछ लोगों जब पीड़ित परिवार सोए रहते हैं तब सुबह के समय 6:00 यह लोग पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और घुटे से बंधे भैंसों को भी छोड़ देते हैं और सामान तोड़ा फोड़ करते हैं जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि 24 मार्च 2026 को आरोपियों ने उनके घर पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और उन्हें व उनके बेटे को बुरी तरह पीटा। घटना के बाद से परिवार दहशत में है और न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

पीड़िता आशा देवी, जो कि स्वर्गीय विजय सिंह की पत्नी हैं, ने बताया कि उनके परिवार में पहले ही संपत्ति का बंटवारा हो चुका है और गांव में मौजूद घर में भी सभी को उनका हिस्सा दिया जा चुका है। इसके बावजूद अब उनके जेठ और जेठानी सहित अन्य रिश्तेदार उनके हिस्से की जमीन पर भी कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। महिला के मुताबिक, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपी भड़क गए और घर पर आकर लगातार झगड़ा करने लगे।

आशा देवी ने आरोप लगाया कि आरोपी राजवीर, ओमवती, रामकुमार, गौरव, नमित और एकता अक्सर उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करते हैं और झगड़ा करने की कोशिश करते हैं। पीड़िता के अनुसार 24 मार्च को स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आरोपियों ने घर में घुसकर पत्थरबाजी की और लकड़ी के डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान ओमवती ने कथित तौर पर आशा देवी के कपड़े भी फाड़ दिए और उन्हें बुरी तरह पीटा। आशा देवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि राजवीर जो की सरकारी रोडवेल ड्राइवर है जो जान से मारने की धमकी देता है और धमकी देता है की जेल में बंद करवा देंगे रोज हमले करने की तैयारी में रहता है

हमले के दौरान आशा देवी के बेटे बिट्टू यादव को भी नहीं बख्शा गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उसे भी पत्थरों और डंडों से मारकर घायल कर दिया। घटना के बाद परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई और पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

पीड़ित महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचीं तो वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी उनसे जबरन एक लिखित बयान देने का दबाव बना रहे हैं, जिसमें उनसे यह लिखवाया जा रहा है कि उनका इस घर से कोई संबंध नहीं है और उन्हें घर खाली कर देना चाहिए। महिला का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आशा देवी की फाइल को बंद कर दिया पीड़ित आशा देवी ने बताया कि विपक्षी लोगों के कहने पर खाने वाले ने आशा देवी और उनके परिवार पर गलत धाराएं लगा दिए है

आशा देवी का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और हमलों के कारण उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनका परिवार सुरक्षित रह सके।

 

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