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बांगरमऊ में आधी रात चोरी, पीड़ित के बयान के बावजूद ‘सांड’ की कहानी बताकर मामला दबाया गया

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उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के शिवलाल पुरवा मजरा बेहटा कच्छ गांव में आधी रात घर में घुसकर हुई चोरी का मामला अब पुलिस की भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में है। पीड़ित कप्तान सिंह का आरोप है कि 30 सितंबर 2025 की रात करीब 12 बजे गांव का ही दिनेश पुत्र शिवरतन उनके घर में घुस आया और उनकी पत्नी सीमा व पुत्र अंकित के सिरहाने रखी चाबी से ताला खोलकर बक्से में रखे 20 हजार रुपये चोरी कर लिए। कप्तान सिंह उस समय भैंस के बाड़े ( बंगले ) में सो रहे थे, प्यास लगने पर घर लौटे तो चोर को रंगे हाथ देख लिया। शोर मचाने पर गांव के लोग भी दौड़े, लेकिन आरोपी भागने में सफल रहा। पुलिस को 112 पर सूचना दी गई, पर आरोपी पहले ही फरार हो चुका था।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने चोर को अपनी आंखों से देखा, पीछा किया और पुलिस को भी बताया, फिर भी उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके उलट पुलिस जांच में इसे चोरी की घटना मानने के बजाय ‘सांड से बचने के लिए चबूतरे पर चढ़ने’ की कहानी बना दी गई। पुलिस की आख्या में कहा गया कि आरोपी दिनेश केवल सांड से बचने के लिए पीड़ित के घर के चबूतरे पर चढ़ा था और चोरी का कोई प्रमाण नहीं मिला। जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि चोरी के बाद से उनका पैसा आज तक वापस नहीं मिला।

पीड़ित कप्तान सिंह ने बताया कि उन्होंने थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर जगह से सिर्फ खानापूर्ति हुई। आरोपी का केवल 170/126/135 बीएनएसएस में चालान कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया, जबकि चोरी और घर में घुसपैठ जैसे गंभीर अपराध पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि
पुलिस मौके पर सिर्फ जी रात घटना घटी इस रात पहुंची उसके बाद ना तो पुलिस मौके पर पहुंची और ना ही आसपास वाले किसी से पूछताछ के बिना पूछताछ के बता दिया गया कि यह सांड की कहानी बताकर मामला दबाया गया

आरोपी पक्ष ने थाने में पैसे देकर अपना बचाव करवा लिया, इसी वजह से पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया।

गांव में इस मामले को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आधी रात घर में घुसकर चोरी करने के बाद भी आरोपी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो आम लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे रह जाएगी। पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहा है।

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