गिरफ्तार आरोपियों में लातूर के डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे शामिल है। CBI के मुताबिक, डॉ. शिरुरे ने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के लीक प्रश्न दिलाने में अहम भूमिका निभाई। चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीन छात्रों में एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी बताया गया है। जांच में सामने आया कि प्रश्न आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे।
दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी है। आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के लीक फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।
देशभर में 49 ठिकानों पर छापेमारी
CBI इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अब तक देश के अलग-अलग राज्यों में 49 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। छापे के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने अहम दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और लीक के डिजिटल ट्रेल को रिकवर किया जा सके।
12 मई को दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा पर लीक की शिकायतों के बाद, शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने CBI को आधिकारिक शिकायत सौंपी थी। इस शिकायत के आधार पर CBI ने 12 मई को मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी।
केस दर्ज होते ही CBI ने विशेष टीमों का गठन किया और त्वरित कार्रवाई शुरू की। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित देश के कई शहरों से कड़ियां जोड़ते हुए 13 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।