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अररिया के तमगंज में रास्ता विवाद, 45 साल पुराने आने-जाने के मार्ग पर कब्जे का आरोप

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पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार, सुनवाई नहीं होने पर मीडिया से मांगी मदद

अररिया, बिहार के तमगंज क्षेत्र में एक रास्ता विवाद को लेकर स्थानीय निवासी टुराय मुखिया ने न्याय की मांग की है। टुराय मुखिया, पिता दुखन मुखिया, वार्ड संख्या 10, बिबिगंज, तमगंज निवासी हैं। उनका आरोप है कि उनके घर के सामने से वर्षों से इस्तेमाल हो रहे रास्ते को गांव के ही विजेंद्र मुखिया और महेंद्र मुखिया द्वारा अवरुद्ध कर कब्जा कर लिया गया है, जिससे उनके परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित टुराय मुखिया का कहना है कि करीब 40 से 45 वर्षों से उनका परिवार इसी रास्ते से आवागमन करता आ रहा था। यह रास्ता उनके घर तक पहुंचने का मुख्य मार्ग था, लेकिन अब आरोपियों ने रास्ते को चारों ओर से घेरकर बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने के कारण परिवार को रोजमर्रा के कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घर से बाहर निकलने तक में परेशानी हो रही है और परिवार खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहा है।

टुराय मुखिया ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं होने से परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि रास्ता बंद होने से उनके जीवन यापन पर सीधा असर पड़ रहा है। घर तक जरूरी सामान पहुंचाने, बीमार होने पर अस्पताल जाने और अन्य दैनिक कार्यों में बड़ी कठिनाई हो रही है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि पुराने रास्ते को पुनः खुलवाया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

टुराय मुखिया ने मीडिया के माध्यम से अपनी पीड़ा सामने रखते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मीडिया मौके पर आकर उनकी स्थिति देखे कि आखिर एक परिवार किस तरह रास्ता बंद होने की वजह से परेशानियों में जीवन गुजारने को मजबूर है। अब पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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