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JNU में ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगे, उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में प्रोटेस्ट

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JNU में उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में हुए प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगे। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के विरोध में हुआ, जिससे एक बार फिर JNU विवादों में आ गया।नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी कि JNU में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन और आपत्तिजनक नारेबाजी हुई है। यह प्रदर्शन और नारेबाजी की घटना दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम के समर्थन में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’, ‘अंबानी राज की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ और ‘अडानी की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद विवाद गहरा गया है। बता दें कि देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शुमार JNU पिछले कुछ सालों से लगातार विवादों में घिरा रहा है।
शरजील और खालिद पर चल रहा है केस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवादित नारेबाजी और प्रदर्शन रात के समय साबरमती हॉस्टल के बाहर हुआ। प्रदर्शन के दौरान वामपंथी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी नारेबाजी की। सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके विरोध में यह प्रोटेस्ट हुआ। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। ये नारेबाजी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में किया गया। शरजील इमाम पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है, क्योंकि उसने ‘चिकेन नेक’ को काटकर नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने की बात कही थी। वहीं, उमर खालिद पर दिल्ली दंगों में भूमिका को लेकर मामला चल रहा है।पहले भी JNU में हुई है विवादित नारेबाजी
बता दें कि उमर खालिद और शरजील इमाम दोनों फिलहाल जेल में बंद हैं। बता दें कि JNU इससे पहले भी कई बार विवादों में रहा है। कई मौकों पर विश्वविद्यालय में आपत्तिजनक नारेबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। JNU के साबरमती हॉस्टल के बाहर नारेबाजी की इस घटना ने एक बार फिर JNU को सुर्खियों में ला दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से पता चलता है कि उमर खालिद और शरजील इमाम वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की ‘साजिश रचने, लामबंदी करने और रणनीतिक दिशा-निर्देश देने’ में शामिल थे। इसके साथ ही अदालत ने साजिश के मामले में दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
नारेबाजी पर आई बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया
JNU में हुई नारेबाजी पर BJP नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘X’ पर कहा, ‘सांपों के फन कुचले जा रहे हैं तो सपोले बिलबिला रहे हैं। JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारे लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहे हैं, आतंकी निपटाए जा रहे हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है।’ वहीं मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, ‘ये बिलकुल गलत है। पहले तो देशद्रोह का काम करेंगे और फिर उनके समर्थन में इस तरह के नारे लगाएंगे।ये लोग कांग्रेस और AAP की सह पर इस तरह के नारे लगाते हैं। संजय सिंह का बयान देख लीजिए, एक तरफ कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फासले का सम्मान करते हैं। दूसरी तरफ कहते हैं ये गलत हुआ है। ये NDA की सरकार है। देशद्रोहियों को भी सजा मिलेगी और ऐसे नारे लगाने वालों को भी सजा मिलनी चाहिए।’JNU में लगे नारों पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
जेएनयू में लगे नारों को लेकर दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी है, फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने मामले से जुड़ी जानकारी मांगी है और जांच की जा रही है। वहीं, JNU यूनिट के ABVP उपाध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा, ‘शरजील इमाम और उमर खालिद को बेल न मिलने पर जो प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी हुई है, वह सही नहीं है। वे दिल्ली दंगों में शामिल लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। JNUSU ने साबरमती हॉस्टल के पास कार्यक्रम आयोजित किया था।’ सूत्रों के मुताबिक, जब JNU में विवादित नारे लगाए जा रहे थे, उस समय JNU छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली और सचिव सुनील मौके पर मौजूद थे। इसके अलावा वामपंथी संगठनों से जुड़े कई छात्र भी वहां एकत्र हुए थे।

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