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‘कुछ घाव भुलाए नहीं जा सकते’, करूर पहुंचे CM विजय ने पीड़ितों की याद में स्मारक बनाने का किया ऐलान, परिजनों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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तमिलनाडु के सीएम विजय करूर पहुंचे। यहां उन्होंने भगदड़ मामले में पीड़ित लोगों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। सीएम विजय ने करूर में पीड़ितों की याद में एक स्मारक बनाने का भी ऐलान किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आज करूर के दौरे पर हैं। ये वही जगह है जहां पर चुनाव प्रचार के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अब मुख्यमंत्री बनने के बाद जोसेफ विजय का ये पहला करूर दौरा है। यहां करूर में सीएम विजय ने 10 KM का रोड शो किया। इस दौरान सीएम विजय ने करूर हादसे में मरने वाले परिवारों में से 32 लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी का लेटर भी दिया। इसके साथ ही 1700 करोड़ की लागत से प्रस्तावित एक नॉन लेदर यूनिट की आधारशिला भी रखी।

वहीं करूर के एटलस ग्राउंड में पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा सरकारी नौकरी नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद सीएम ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर वह भावुक हो गए और कहा कि जीवन की कोई भी सफलता निर्दोषों की जान जाने के दर्द को मिटा नहीं सकती। उन्होंने कहा, “जीवन में कोई व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, दिल के कुछ दर्द और घाव कभी भुलाए नहीं जा सकते। सबसे अधिक जिस दर्द और घाव ने मुझे प्रभावित किया है, वह करूर की घटना है।”

‘कार्यक्रम से पहले कोई चेतावनी नहीं दी’
हादसे से पहले की घटनाओं का वर्णन करते हुए सीएम ने कहा कि उनका राज्यव्यापी “जनता सम्मेलन” कार्यक्रम जनता से सीधे संवाद करने और उनकी चिंताओं को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ की आशंका के कारण पुलिस ने पहले ही उन्हें पेरंबालूर में एक कार्यक्रम रद्द करने की सलाह दी थी, लेकिन करूर में भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम से पहले ऐसी कोई चेतावनी नहीं दी गई।

‘पुलिस ने हमें भीड़ के बारे में नहीं बताया’
सीएम विजय ने कहा, “नमक्कल में हुई बैठक के बाद जब हम करूर आ रहे थे, तो क्या करूर पुलिस हमें सूचित नहीं कर सकती थी? अगर उन्हें लगता कि भीड़ को संभालना मुश्किल होगा, तो वे बैठक रद्द कर सकते थे। उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था। इसके बजाय, वे हमें कार्यक्रम स्थल तक ले गए। मैंने उन पर पूरा भरोसा किया और उस दिन पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसी त्रासदी हो जाएगी।”

विजय ने पिछली सरकार पर दागे सवाल
घटना के संचालन पर सवाल उठाते हुए विजय ने पूछा, “इसके लिए कौन जिम्मेदार है? आदेश किसने दिए? मैं आपसे पूछता हूं, क्या इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी?” उन्होंने कहा, “अगर मेरी तस्वीर टीवी पर आती, तो बच्चे मुस्कुराते और मुझे ‘विजय अंकल’ कहकर पुकारते। हमने उन मासूम बच्चों को खो दिया जो भगवान के समान थे। शोक में डूबे होने के बावजूद, लोग मेरा मजाक उड़ाते और मुझे दोषी ठहराते हुए पूछते कि मैं ‘भागकर क्यों छिप गया’।”

करूर में बनाया जाएगा स्मारक
जान गंवाने वालों की याद में एक स्मारक की घोषणा करते हुए सीएम विजय ने कहा कि टीवीके इसे करूर में बनाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां इस घटना को याद रखें और ऐसी त्रासदियों का राजनीतिकरण न हो सके। उन्होंने कहा, “आने वाली पीढ़ी को हमारे खिलाफ रची गई साजिश और षड्यंत्र के बारे में जागरूक करने के लिए, ताकि कोई भी ऐसी राजनीतिक साजिश के बारे में न सोचे, हम घोषणा करते हैं कि हमारी टीवीके की ओर से करूर में एक स्मारक बनाया जाएगा।”

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