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सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे और पानी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस-प्रशासन की समझाइश भी बेअसर

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लालगंज/प्रतापगढ़। तहसील लालगंज क्षेत्र के ग्राम उमरोडा में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण और नल का पानी खोलकर रास्ता बाधित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित ग्रामीण ने उपजिलाधिकारी से शिकायत कर रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्राम उमरोडा निवासी वीरेन्द्र कुमार कोरी पुत्र राम सजावन कोरी ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसके घर तक पहुंचने के लिए गांव में केवल एक ही सार्वजनिक रास्ता है। आरोप है कि गांव के ही छोटे लाल तिवारी पुत्र स्व. तिवारी, रामपाल गौतम पुत्र गुना तथा शंकर लाल ने उक्त रास्ते पर पेड़ लगाकर और अन्य अवरोध खड़े कर दिए हैं। साथ ही, कथित रूप से रास्ते के समीप नल का पानी खोल दिया गया, जिससे मार्ग पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

पीड़ित का कहना है कि इस अवरोध के कारण उसके परिवार को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विरोध करने पर आरोपियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दबंगई दिखाने और धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।

वीरेन्द्र कुमार कोरी ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद दरोगा मौके पर पहुंचे। हालांकि, आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस की बात भी नहीं मानी। गांव के प्रधान और अन्य ग्रामीण भी समझाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन संबंधित लोग किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर इस प्रकार का कब्जा गैरकानूनी है और इससे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मौके की निष्पक्ष जांच कर रास्ते से अवरोध हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

उपजिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया गया तो नियमानुसार उसे हटाया जाएगा।

फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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