गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के कुछ लोग लगातार उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि मामला पुलिस तक पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है।
पीड़ित परिवार की महिला सुनीता देवी ने बताया कि उनके परिवार और गांव के कुछ लोगों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। उनके अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विवाद फिर से बढ़ गया है। आरोप है कि बाबलू, दिलीप, जितेंद्र, छोटे लाल, आरती देवी तथा उनके परिवार के अन्य सदस्य एकजुट होकर उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।
परिवार का आरोप है कि घटना के दौरान उनके पिता ट्रैक्टर से बालू लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपितों ने उन्हें घेरने और हमला करने का प्रयास किया। जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा। आरोप है कि आरोपितों ने ईंट और पत्थर लेकर हमला करने की कोशिश की तथा लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस को फोन कर सूचना दी। उनका आरोप है कि पुलिस को बार-बार कॉल करने के बावजूद मौके पर समय से कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं होगी तब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सुनीता देवी का आरोप है कि आरोपित खुलेआम यह धमकी देते हैं कि यदि परिवार का कोई सदस्य सुनसान जगह पर मिल गया तो उसकी हत्या कर देंगे। इतना ही नहीं, परिवार की बेटियों के साथ भी अभद्र व्यवहार करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपित पक्ष छोटे-छोटे बच्चों को भी उकसाकर रास्ते में ईंट-पत्थर फिंकवाने की कोशिश करता है ताकि परिवार के लोगों पर हमला किया जा सके। साथ ही अपने रिश्तेदारों को बुलाकर दबाव बनाने और विवाद बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। उन्हें हर समय किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता है। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने, निष्पक्ष जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। पुलिस की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। यदि पुलिस या दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
