दरभंगा।
बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र विधायक मंडल ब्लॉक नंबर 81 के चकवासावन गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुराने आपराधिक मामले में न्यायालय में गवाही देने पहुंचे दो भाइयों पर उनके ही चाचा और परिजनों द्वारा कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि शिकायत देने के बावजूद मनीगाछी थाना में उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।
पीड़ित परिवार के अनुसार गांव निवासी शंकर झा और जयनारायण झा एक पुराने फौजदारी मामले में निर्धारित तिथि पर गवाही देने के लिए गए थे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर उनके चाचा राजकुमार झा ने अपने पुत्र मुकेश झा, रोहित झा, रोशन झा तथा परिवार की अन्य महिला सदस्य के साथ मिलकर दोनों भाइयों पर हमला कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने ईंट-पत्थरों, बांस और लाठी-डंडों से दोनों भाइयों की बेरहमी से पिटाई की। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को हमलावरों के चंगुल से बचाया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि ग्रामीण समय पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
घटना में दोनों भाइयों को गंभीर चोटें आई हैं। परिवार का आरोप है कि गवाही देने से रोकने और दबाव बनाने के उद्देश्य से यह हमला पूर्व नियोजित तरीके से किया गया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और इसी विवाद से संबंधित मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
पीड़ितों के पिता राधेश्याम झा ने बताया कि वह स्वयं न्यायालय में पेशी के सिलसिले में गए हुए थे। इसी दौरान उनके बेटों पर हमला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों की जान खतरे में थी और अब पूरा परिवार दहशत में है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि घटना की शिकायत मनीगाछी थाना में दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पीड़ित पक्ष खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद अब गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले रहा है, जिससे गांव का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
फिलहाल मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

