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दो माह 10 दिन की गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज हत्या का आरोप

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मायके पक्ष ने पति समेत पांच ससुरालीजनों पर लगाए गंभीर आरोप, अंतिम संस्कार में भी बरती गई जल्दबाजी

उरई/हमीरपुर। दहेज की मांग ने एक और नवविवाहिता की जिंदगी लील ली। हमीरपुर जिले के गोहाण्ड थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल के कई लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पूरे परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मृतका साधना विश्वकर्मा का विवाह 2 दिसंबर 2024 को गोहाण्ड निवासी आनंद कुमार के साथ हुआ था। साधना के भाई भूपेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार शादी के कुछ समय बाद ही पति आनंद कुमार, ससुर देवकीनंदन, सास उमा देवी, देवर रुचित और ननद दीपिका द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी थी। मांग पूरी न होने पर साधना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।

परिजनों का कहना है कि 27 मई को उन्हें ससुराल पक्ष के पड़ोसियों से फोन पर सूचना मिली कि साधना की हालत गंभीर है और तत्काल पहुंचने के लिए कहा गया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग उरई के लिए रवाना हुए। जब वे राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो साधना को मृत अवस्था में पाया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने आत्महत्या की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन मायके पक्ष ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि साधना गर्भवती थी। परिजनों के अनुसार सोनोग्राफी रिपोर्ट में उसकी गर्भावस्था दो माह 10 दिन की बताई गई है। यह रिपोर्ट शिकायत और एफआईआर के साथ भी संलग्न की गई है। ऐसे में गर्भवती महिला की अचानक हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतका के भाई भूपेंद्र विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत के बाद भी ससुराल पक्ष ने जल्दबाजी में साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। उनका कहना है कि जब साधना का शव एंबुलेंस से ले जाया जा रहा था, उस दौरान एंबुलेंस में ससुराल पक्ष के लोग मौजूद थे, जबकि मायके पक्ष के लोग अपनी गाड़ी से पीछे-पीछे आ रहे थे। आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही साधना का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

भूपेंद्र का कहना है कि एक सुहागन महिला का बिना पारंपरिक रीति-रिवाजों के जल्दबाजी में दाह संस्कार कर दिया गया और अंतिम संस्कार के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता न चल सके और संभावित साक्ष्य नष्ट हो जाएं।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं विवाहिता की मौत के बाद मायके पक्ष ने इसे स्पष्ट रूप से दहेज हत्या का मामला बताते हुए सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार उसकी जान ले ली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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