गुरदासपुर।
पंजाब के गुरदासपुर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिले के खुंडी गांव की रहने वाली अमरजीत कौर ने अपने पति हरपाल सिंह पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने, ब्लैकमेल करने, मारपीट करने और डेढ़ साल के बेटे को अपने पास रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अमरजीत कौर का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही हरपाल सिंह का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह आए दिन गाली-गलौज करता, मारपीट करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। महिला का कहना है कि पति अक्सर उसे डराने और दबाव बनाने के लिए उसकी निजी जिंदगी का गलत तरीके से इस्तेमाल करता था।
पीड़िता के अनुसार, एक रात करीब साढ़े नौ बजे वह घर में नहाने के बाद कपड़े बदल रही थी। इसी दौरान हरपाल सिंह ने बिना उसकी जानकारी और बिना उसकी सहमति के मोबाइल फोन से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने वह वीडियो अपने रिश्तेदारों और परिचितों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया। इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची और वह मानसिक रूप से टूट गई।
महिला का कहना है कि वीडियो वायरल करने के बाद हरपाल सिंह लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा। जब भी उसने इस हरकत का विरोध किया या आवाज उठाने की कोशिश की तो आरोपी ने गाली-गलौज की, मारपीट की और उसे चुप रहने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि उसे डराया गया कि यदि उसने किसी को बताया तो और भी निजी वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कर दी जाएंगी।
अमरजीत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में उसकी ननद और कुछ अन्य रिश्तेदार भी हरपाल सिंह का साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि अश्लील वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद उन्हें लगातार अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।
महिला ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरपाल सिंह ने उसके डेढ़ साल के बेटे को भी उससे अलग कर अपने पास रख लिया है। पीड़िता का कहना है कि एक मां से उसके छोटे बच्चे को दूर कर देना उसके लिए सबसे बड़ी पीड़ा है और वह अपने बेटे से मिलने के लिए भी संघर्ष कर रही है।
पीड़िता ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पति हरपाल सिंह तथा कथित रूप से अश्लील वीडियो प्रसारित करने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

