नारायण सिंह सर्किल स्थित मंगलम बिल्डिंग से मजदूर शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्य कर रहे राम नारायण गुप्ता को उनकी मेहनत का पूरा पैसा नहीं मिलने का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने लगातार कई महीनों तक दिन-रात 12-12 घंटे ड्यूटी की, लेकिन इसके बावजूद उनका लगभग 17,500 रुपये का वेतन अब तक बकाया है।
जानकारी के अनुसार, राम नारायण गुप्ता को यह कार्य ठेकेदार राजकुमार कुमावत के माध्यम से मिला था, जो शास्त्री नगर क्षेत्र से सिक्योरिटी सेवाएं संचालित करता है। आरोप है कि जनवरी से मार्च तक का पूरा वेतन और अप्रैल के शुरुआती 9 दिनों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
पीड़ित ने बताया कि शुरुआत में ही आधा वेतन देकर बाकी राशि को टाल-मटोल किया जाता है। बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे इस नौकरी में टिके रहे, लेकिन अब उनकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
इस मामले ने एक बार फिर सिक्योरिटी गार्ड जैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कुछ ठेकेदार मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका शोषण कर रहे हैं और उनका मेहनताना दबा रहे हैं।
पीड़ित राम नारायण गुप्ता ने प्रशासन, पुलिस और श्रम विभाग से गुहार लगाई है कि उनके बकाया वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाने को मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई मजदूर हैं जो इसी तरह के शोषण का शिकार हो रहे हैं, लेकिन डर या मजबूरी के कारण सामने नहीं आ पाते। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।
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