पूर्वी चंपारण। पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक महिला और उसके नाबालिग बेटे पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसियों ने गरासे, चाकू, लोहे की रॉड और लाठी से लैस होकर महिला के घर पर हमला कर दिया, जिसमें महिला और उसका 11 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद भी उन्हें न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है ।
पीड़िता मनदेया देवी (उम्र करीब 21 वर्ष), पति मंटू यादव, निवासी ग्राम कृतपुर मठिया वार्ड नंबर 9, थाना हरसिद्धि ने आरोप लगाया है कि 14 अप्रैल 2026 की शाम करीब 7:30 बजे वह अपने बच्चों के साथ घर के दरवाजे पर बैठी थी। इसी दौरान गांव के ही सिकंदर कुमार, मोहन यादव, जयपति देवी, टुनटुन यादव और संगीता देवी हथियारों से लैस होकर उनके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।

महिला का आरोप है कि जब वह घायल होकर गिर गई तो टुनटुन यादव ने उसके बाल पकड़कर घसीटा, जिससे कमर और पीठ में गंभीर चोट आई और उसके कपड़े भी फट गए। इसी दौरान जयपति देवी ने लाठी से मारपीट की और अन्य आरोपियों ने भी लात-घूंसे से हमला किया।
घटना के दौरान जब महिला का 11 वर्षीय बेटा अंजेश कुमार अपनी मां को बचाने के लिए आया तो आरोप है कि टुनटुन यादव ने चाकू से उस पर हमला कर दिया, जिससे उसके दाहिने आंख के ऊपर गहरा जख्म हो गया और वह खून बहने के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद भी आरोपियों ने उसे लात-घूंसे से मारपीट कर घायल कर दिया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान जयपति देवी ने उसके गले से करीब 50 हजार रुपये कीमत का सोने का मंगलसूत्र भी नोच लिया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर महिला और उसके बेटे को बचाया। दोनों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरसिद्धि ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह घटना की शिकायत लेकर थाने पहुंची तो शुरुआत में उनकी बात नहीं सुनी गई। बाद में उच्च अधिकारियों को आवेदन देने के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है लेकिन विपक्षी लोगों ने थाने में पैसे और दरभंगा के बल पर पीड़ित परिवार की नहीं सुनवाई हो रही है पीड़ित परिवार का कहना है कि हाफ मर्डर हुआ है जिसकी धारा लगती चाहिए लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही है वह चाहते हैं उनके इस मामले में प्रशासन कार्यवाही में मदद करें ताकि समय रहते न्याय मिल सके और मामले की छानबीन की जा रही है।