भोपाल। मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए अलग शराब दुकानें खोले जाने को लेकर वायरल किए जा रहे दावों को पूरी तरह भ्रामक, निराधार और असत्य बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए अलग (महिला-फ्रेंडली) शराब दुकानें खोलने का निर्णय वर्ष 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने लिया था, जबकि भाजपा ने उस समय विपक्ष में रहते हुए इसका पूरे प्रदेश में मुखर विरोध किया था।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल द्वारा जारी बयान में कहा गया कि फरवरी 2020 में कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के लिए अलग शराब दुकानें खोलने की घोषणा की थी। उस समय भाजपा ने इस फैसले का प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। पार्टी का कहना है कि जनभावनाओं और भाजपा के लगातार विरोध के चलते कांग्रेस सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। मार्च 2020 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रस्ताव व्यवहार में भी लागू नहीं हो सका।
भाजपा ने कहा- वर्तमान सरकार का इस योजना से कोई संबंध नहीं
भाजपा ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार और भारतीय जनता पार्टी का महिलाओं के लिए अलग शराब दुकानें खोलने की किसी भी योजना से कोई संबंध नहीं है। पार्टी का दावा है कि भाजपा कभी भी इस तरह की व्यवस्था के पक्ष में नहीं रही है और वर्तमान में भी ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
भाजपा ने यह भी कहा कि वह नशामुक्त समाज की पक्षधर रही है और प्रदेश सरकार ने धर्मस्थलों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास संचालित शराब दुकानों को बंद करने जैसे निर्णय लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
प्रदेश भाजपा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे दावों का कड़ा खंडन करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। पार्टी ने कहा कि भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार पर विश्वास न करें तथा बिना सत्यापन के उसे आगे साझा करने से बचें।
