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20 साल की शादी के बाद पत्नी और बेटी को छोड़ने का आरोप, भाभी के साथ रहने लगा पति, पीड़िता बोली अब खर्चा भी नहीं देता, प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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दिल्ली। बिहार के भोजपुर जिले की रहने वाली सुमन ने अपने पति विनोद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुमन का कहना है कि वर्ष 2004 में उनकी शादी पूरे रीति-रिवाज से हुई थी, लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद उनकी जिंदगी संघर्षों से भर गई। उनका आरोप है कि पति ने उन्हें और उनकी बेटी को वर्षों से बेसहारा छोड़ रखा है। अब वह दिल्ली में रहकर नौकरी कर अपनी बेटी का पालन-पोषण करने को मजबूर हैं, जबकि उनके पति न तो कोई आर्थिक सहायता दे रहे हैं और न ही पति होने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

सुमन के अनुसार शादी के बाद वह अपने पति के साथ केवल एक महीने तक ही रह सकीं। इसी दौरान वह गर्भवती हो गईं और बाद में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। उनका आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद पति ने उनसे दूरी बना ली और धीरे-धीरे उन्हें पूरी तरह छोड़ दिया।

पीड़िता का आरोप है कि उनके पति विनोद अब अपनी ही भाभी के साथ रह रहे हैं। सुमन का कहना है कि पति अपनी भाभी पर पैसा खर्च कर रहे हैं, उनके लिए मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अपनी पत्नी और बेटी की परवरिश के लिए एक रुपया तक नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह अपने अधिकार और खर्चे की बात करती हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि जो करना है कर लो, मैं कुछ नहीं दूंगा।

सुमन का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वह अकेले अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही हैं। दिल्ली में नौकरी करके किसी तरह घर का खर्च चला रही हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और जिम्मेदारियों के बीच उनके लिए यह संघर्ष लगातार कठिन होता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पति अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभाते तो उन्हें इस तरह दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़तीं।

पीड़िता का कहना है कि वह आज भी कानूनी रूप से विनोद की पत्नी हैं। ऐसे में उन्हें और उनकी बेटी को भरण-पोषण का अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना है कि पति अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते और कानून के अनुसार पत्नी तथा संतान की देखभाल करना उनका दायित्व है।

सुमन ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि उनके पति को कानूनी रूप से भरण-पोषण देने के लिए बाध्य किया जाए ताकि वह और उनकी बेटी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

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