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चकमार्ग पर कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में, राजस्व टीम ने की पैमाइश, सीमांकन के बाद खुली सच्चाई

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बदायूं जनपद में चकमार्ग पर कथित कब्जे और रास्ता अवरुद्ध किए जाने की शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि गांव में स्थित चकमार्ग पर अवैध कब्जा कर रास्ते को प्रभावित किया जा रहा है,
कब्ज जिन्होंने किया है उनके नाम है जितेंद्र पाल सिंह हरीश पाल सिंह देवेंद्र सिंह मदनपाल सिंह और उनकी मां विमला देवी जो हमेशा टाइम खड़ी रहती हैं कब्जे के रूप में

जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय और अभिलेखीय जांच शुरू की।

मामले की जांच राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की टीम द्वारा की गई। जांच के दौरान गांव के लोगों और शिकायतकर्ता की मौजूदगी में भूचित्र के अनुसार पैमाइश कर सीमांकन किया गया। जांच आख्या में स्पष्ट किया गया कि संबंधित भूमि गाटा संख्या 647/006480 भू-अभिलेखों में चकमार्ग के रूप में दर्ज है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर सीमांकन की कार्रवाई पूरी करते हुए चकमार्ग को चिन्हित कर दिया।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि चकमार्ग को सुचारु रूप से चालू कराने के लिए ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक को मिट्टी कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि मामला किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है और न ही कोई वाद लंबित पाया गया है।

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार शिकायतकर्ता को निस्तारण की जानकारी भी दे दी गई है। वहीं अधिकारियों द्वारा स्थल पर खींचे गए फोटोग्राफ और जांच रिपोर्ट को भी अभिलेखों में संलग्न किया गया है। पूरे मामले के बाद गांव में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण अब चकमार्ग पूरी तरह खुलने की उम्मीद जता रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शिकायत के बाद लगातार प्रशासनिक निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके। राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद गांव में प्रशासन की सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है

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