पुत्र की संदिग्ध मौत के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रहा BSF जवान, पिता का आरोप

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सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में एक BSF जवान अपने बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुका है। मृतक के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई और बाद में बिना किसी स्पष्ट जानकारी के केस बंद कर दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है, जबकि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

सबौली निवासी शमशेर सिंह, जो सीमा सुरक्षा बल (BSF) में कार्यरत हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र पीयूष की 29 दिसंबर 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय उन्हें फोन के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, जहां उनका बेटा मृत अवस्था में मिला।

पिता का कहना है कि घटना के दिन वह मानसिक रूप से बेहद आहत थे और उसी स्थिति में पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया। बाद में जब उन्होंने स्वयं स्तर पर जानकारी जुटाई तो उन्हें संदेह हुआ कि उनके पुत्र की मौत कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद, मनप्रीत और राकेश ने मिलकर उनके बेटे को 13वीं मंजिल फ्लैट नंबर 1303 की खिड़की से से नीचे फेंका, जिससे उसकी मौत हो गई।

शमशेर सिंह का दावा है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हत्या की आशंका से अवगत कराया था। उनका आरोप है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया कि बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद वे थाने आएं, जहां मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जब वे दोबारा थाना पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि पहले हत्या के सबूत प्रस्तुत करें।

पीड़ित पिता का कहना है कि वह लगातार पुलिस अधिकारियों और थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। बाद में उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज तो किया गया, लेकिन जांच की गति को लेकर परिवार लगातार सवाल उठाता रहा।

अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार को मोबाइल पर ऐसे संदेश मिलने लगे, जिनसे उन्हें पता चला कि उनका मामला बंद कर दिया गया है। परिवार का आरोप है कि उन्हें केस बंद किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। दूसरी ओर जांच अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि मामले में जांच और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

इसी विरोधाभास ने पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। पिता का कहना है कि यदि जांच जारी है तो फिर केस बंद होने के संदेश क्यों भेजे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और उन्हें लगातार अंधेरे में रखा जा रहा है।

परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी मनप्रीत, गोविंद, राकेश तथा अन्य संबंधित लोग प्रभावशाली हैं, जिसके कारण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच स्थानीय स्तर से हटाकर क्राइम ब्रांच या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पीड़ित पिता ने कहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा कायम रहेगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें अपने बेटे की मौत की सच्चाई और न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।#SonipatNews #HaryanaPolice #JusticeForPiyush #BSFJawan #MurderCase #CrimeInvestigation #JusticeDelayed #BreakingNews #SonipatCrime #FamilySeeksJustice #CrimeBranchInquiry #HaryanaUpdate #PoliceInvestigation #TruthMustPrevail #PiyushCase #LegalActionNow #VictimFamily #CrimeNewsIndia #JusticeSystem #HindiNewsUpdate

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