चन्दौली जनपद के कन्दवा थाना क्षेत्र के मुद्धा गांव में पुरानी गली विवाद को लेकर एक परिवार लगातार उत्पीड़न का आरोप लगा रहा है। पीड़ित राजवंश पाल पुत्र सीताराम ने पुलिस अधीक्षक चन्दौली को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि गांव की रहने वाली लीलावती देवी पत्नी लालजी पाल पुरानी 10 फीट गली के विवाद को लेकर लंबे समय से रंजिश रखती हैं और इसी रंजिश के चलते वर्ष 2023 में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराकर उनके खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने भी घटना की शिकायत थाना कन्दवा में की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि लीलावती देवी लगातार उनके परिवार को गाली-गलौज कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करती रही हैं। इसी विवाद और मुकदमेबाजी के तनाव के कारण उनके 83 वर्षीय पिता सीताराम गहरे सदमे में चले गए, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की क्षति हुई है।
पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया कि 20 अप्रैल 2026 को उनकी पुत्री के साथ भी गंभीर घटना हुई। आरोप है कि विपक्षी महिला ने उनकी बेटी का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। बेटी के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब जाकर उसकी जान बच सकी। इस घटना के बाद परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
राजवंश पाल का आरोप है कि लीलावती देवी और उनका परिवार लगातार उन्हें गांव छोड़ने की धमकी दे रहा है। आरोप है कि लीलावती देवी अक्सर यह कहकर दबाव बनाती हैं कि उनका बेटा कृष्णकांत पाल का बेटा अग्निवीर पुलिस में भर्ती हो चुका है और उसके प्रभाव के दम पर लीलाऊती देवी फर्जी मुकदमे में फंसा सकती हैं। इतना ही नहीं, परिवार का आरोप है कि कृष्णकांत पाल जो भी खुलेआम धमकी देता है कि अगर उन्होंने गांव नहीं छोड़ा तो उन्हें झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा और उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा।
पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और गाली-गलौज के कारण पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें सुरक्षा और न्याय मिल सके।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिलती है। फिलहाल गांव में इस मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और स्थानीय लोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

