समूह संचालकों द्वारा बच्चो के हक पर डाला जा रहा डाका रसोईया कोई और,खाना बनाता कोई और मेन्यु अनुसार नहीं बनता खाना,फिर भी अधिकारी मौन

Date:

टीकमगढ–मध्य प्रदेश में भले ही मोहन सरकार तमाम योजनाएं चला रही है किंतु धरातल पर चंद नुमाइंदे सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। संकुल केंद्र बम्हौरीकला अंतर्गत आने वाले तमाम माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों में संचालित मध्यान भोजन का जायजा लेने को पत्रकारों की टीम पहुंची तो तमाम अनियमितताएं देखने को मिली। ना भोजन मेन्यु अनुसार दिया जाता है और ना ही गुणवत्ता युक्त दिया जाता है बच्चों की माने तो खाना भरपेट भी नहीं दिया जाता है। प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर के टीकमगढ़ प्रवास के दौरान उन्होंने कहा था कि अब टीकमगढ़ जिले में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी चाहे वह किसी भी विभाग की हो। फिर भी संकुल केंद्र अंतर्गत बनाए गए सीएसी,बीएसी और संकुल प्राचार्य इन सभी गतिविधियों पर नजर रखने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं। जब कन्या माध्यमिक शाला बम्हौरीकला के प्रधान अध्यापक से इस संबंध में जानकारी चाही गई तो उन्होंने मध्यान भोजन की पंजी दिखाई और बताया कि हमारे द्वारा मध्यान भोजन की मासिक जानकारी अपने सभी वरिष्ठ कार्यालयों को दी जाती है तो हर पेज पर मैं लिखकर दे रहा हूं कि मध्यान भोजन मेनू अनुसार नहीं बनाया जाता है ना ही गुणवत्ता युक्त बनाया जाता है किंतु न जाने क्यों अधिकारियों की मिली भगत के चलते आज तक समूह पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। गौरतलब है कि यहां जिन रसोइयों की समूह में नियुक्ति की गई है वह घर से नहीं निकलना चाहती रसूखदार परिवार की बताई जा रही हैं जिससे एक विद्यालय में प्रस्ताव बना कर रख दिया गया है जिसे अगस्त 2023 में बीआरसी को देना बताया गया उसमें लिखा है कि हम इन तीन नए रसोइयों की नियुक्ति करना चाहते हैं किंतु आज दिनांक तक अमल में नहीं लाया गया और तो और रसोइयों को यह जानकारी भी नहीं है कि हमें इस काम की ऐवज में क्या मिलता है वह केवल मजदूरों के तौर पर काम कर रहे हैं और उनका नाम समूह में सदस्य के रूप में भी शामिल नहीं है। समूह संचालक रसूखदार,नेता नगरी से लिप्त है यदि ग्रामीणों की माने तो बताया जाता है कि इस समूह पर कभी भी कार्यवाही नहीं होती है क्योंकि इनके और इनके परिवार के बहुत बड़े-बड़े नेता एवं अधिकारी हैं और इन पर कभी भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे समूह संचालक के हौसले बुलंद बने हुए हैं। इसी प्रकार एक शाला एक परिसर शासकीय हाई स्कूल कंजना में भी समूह संचालकों की मनमानी देखने को मिली जहां पर ना तो खाना मेन्यु अनुसार मिला और रसोइयों की जगह और कोई खाना बनाते मिला थालियों के साथ गिलास नहीं थे। यह बड़ा जांच का विषय है कि समूह संचालक अधिकतर गांव के रसूखदार लोग होते हैं जो की विद्यालय के शिक्षकों पर दबाव बनाकर अपनी मनमानी करते हैं अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं प्रभारी मंत्री इसमें क्या कार्यवाही करते हैं।

इनका कहना है-
आपके द्वारा जानकारी मिली है मैं दोनों विद्यालयों की जांच करवाता हूं और एमडीएम में जो भी कमियां मिलेगी उस पर मैं विधिवत कार्रवाई करूंगा जरूरत पड़ी तो मैं समूह भी हटाने की कार्रवाई कर सकता हूं।
ओ.पी.दांगी-जिला प्रभारी मध्यान भोजन टीकमगढ़
आपके द्वारा जानकारी मिली है मैं स्वयं पहुंचकर दोनों स्कूलों की जांच करवाता हूं यदि ऐसा है तो मैं तुरंत कार्यवाही करवाऊंगा।
भानु प्रकाश श्रीवास्तव-विकासखंड शिक्षा केंद्र प्रभारी पलेरा।

नीलेश यादव समाचार सूत्र बल्देवगढ़

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

3 दिन का समय, वरना… बांका में 21 प्राइवेट स्कूलों पर लटकी तलवार; विभाग ने दिया अल्टीमेटम

बांका। शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) की प्रस्वीकृति के बिना...