सिवान जिले के जी० बी० नगर तरवारा थाना क्षेत्र में दर्ज एक कथित अपहरण मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़िता खुशी कुमारी के घर वापस लौट आने के बाद अब लड़के पक्ष के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने बिना पर्याप्त जांच के लड़के के मामा हरकेश और नानी हिंदू देवी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका मामले से कोई सीधा संबंध नहीं था।
बताया जा रहा है कि आशा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी के लापता होने को लेकर थाना जी० बी० नगर तरवारा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गांव के ही पवन नट ने उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। आवेदन में कई अन्य परिजनों के नाम भी शामिल किए गए थे। पुलिस ने मामले में BNS-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
परिवार के अनुसार, खुशी कुमारी बाद में सकुशल अपने घर वापस लौट आई। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पवन नट के मामा हरकेश और नानी हिंदू देवी को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर मुकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि दोनों की गिरफ्तारी “बेगुनाही में और बिना वजह” की गई है, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है।
मुकेश कुमार का कहना है कि लड़की के वापस आने के बाद पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए थी और जिन लोगों की मामले में भूमिका नहीं है, उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों को राहत दी जाए।
वहीं पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है।
