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प्रयागराज में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल: फर्जी वसीयतनामा और पुलिस पर दबाव के आरोप, पांच भाइयों के हक की लड़ाई सड़क से दफ्तर तक

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प्रयागराज जिले के मेजा तहसील क्षेत्र में जमीन को लेकर एक पुराना पारिवारिक विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम छतवा उपरहार, टप्पा चौरसी, परगना खैरागढ़ निवासी श्यामलाल ने आरोप लगाया है कि उनके पैतृक हक की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से नेब्बूलाल द्वारा फर्जी वसीयतनामा के सहारे दबाव बनाया जा रहा है। मामला बीते चार–पांच महीनों से लगातार चल रहा है, जिससे पूरे परिवार में तनाव का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता शिव शंकर के पांच पुत्र हैं और कानूनन सभी को पैतृक संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए। श्यामलाल का आरोप है कि इसके बावजूद नेब्बूलाल अकेले जमीन पर दावा कर रहा है और कथित तौर पर दादी के नाम से फर्जी वसीयतनामा दिखाकर जमीन अपने नाम कराने की कोशिश कर रहा है। विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बनाई जाती है और बार-बार पुलिस को बुलवाकर दबाव डाला जाता है।
इस मामले में तहसीलदार मेजा, प्रयागराज द्वारा की गई स्थलीय और अभिलेखी जांच में यह सामने आया है कि आराजी संख्या 1099, रकबा 0.1140 हेक्टेयर, सरकारी अभिलेखों में आबादी खाते में दर्ज है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उक्त भूमि के विभिन्न हिस्सों पर नेब्बूलाल, श्याम बिहारी, रामलाल, श्यामलाल और संतलाल—सभी पुत्र शिव शंकर—का क्रमशः कब्जा पाया गया। इस रिपोर्ट ने विवाद को और उजागर कर दिया है।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोधी पक्ष द्वारा पुलिस पर प्रभाव डालकर बार-बार थाने की कार्रवाई करवाई जाती है, जिससे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। श्यामलाल का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन लगातार हो रहे दबाव और कथित झूठे मुकदमों से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज कर उप निरीक्षक नीतेश पाठक (SI) को जांच सौंपी गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे प्रशासन से निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि जमीन विवाद का समाधान हो सके और उन्हें उनके हिस्से की जमीन मिल सके।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से अपील की है कि फर्जी दस्तावेजों की गहन जांच, जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने और कथित दबाव बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का राज कायम रह सके और पीड़ित परिवार को समय रहते इंसाफ मिल सके।

 

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