बिना किसी सत्यापित साक्ष्य या आधिकारिक दस्तावेज़ के इन्हें तथ्य के रूप में प्रकाशित करना मानहानिकारक हो सकता है।
यदि आप एक जिम्मेदार समाचार शैली में, आरोपों को स्पष्ट रूप से “दावा” बताते हुए खबर लिखना चाहते हैं, तो इसे इस प्रकार लिखा जा सकता है:
धौलपुर के युवक ने युवती पर लगाया जिंदगी बर्बाद करने का आरोप, न्याय की गुहार
धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले के रहने वाले रामकुमार कसाना ने एक युवती पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसके कारण उनकी निजी जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। रामकुमार का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं तथा उन्हें न्याय की उम्मीद है।
रामकुमार के अनुसार, जिस युवती के साथ उनका संबंध था, उसके कारण उनके पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। उनका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी बात अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे ताकि उन्हें न्याय मिल सके और संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच हो।
रामकुमार ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानून पर भरोसा रखते हैं और चाहते हैं कि मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत हो

