गोपालगंज। जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन अतिक्रमण, चोरी और मारपीट जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद पीड़ित को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने थाना से लेकर जिले के अधिकारियों और यहां तक कि उपमुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई शून्य रही।
मामला कुचायकोट निवासी इदरीश अली का है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर गांव के ही कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार, उनकी जमीन की दीवार तोड़ दी गई और उस पर नींव डालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं, घर के सामने रखी करीब 14 हजार ईंटें, जो ताला और लोहे की जंजीर से सुरक्षित थीं, आरोपियों द्वारा चोरी कर ली गईं।
पीड़ित ने कुदुस अली, सैफ अली और इस्तरखार मोलबी सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए बताया कि इन लोगों ने न केवल जमीन पर कब्जा किया बल्कि उनके घर के सामने दीवार खड़ी कर रास्ता भी पूरी तरह बंद कर दिया। इसके कारण अब उनके घर में पानी भरने की समस्या भी उत्पन्न हो गई है।
इदरीश अली का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार पंचायत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और हमला भी किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना में कई बार आवेदन देने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित ने अपनी जमीन का विवरण देते हुए बताया कि खाता संख्या 219, खेसरा संख्या 2364 (रकबा 4 डिसमिल 6 धुर) तथा खाता संख्या 413, खेसरा संख्या 2362 (रकबा 15 धुर) की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।
न्याय की आस में भटक रहे इदरीश अली ने अब बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बावजूद इसके अब तक उन्हें किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी है।
यह मामला न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जमीन विवाद को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिकायतों के बावजूद यदि समय पर कार्रवाई न हो, तो पीड़ितों का विश्वास प्रशासन से उठने लगता है।
