ईरान ने अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की प्रस्तावित वार्ता से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोहा दौरा केवल MoU के अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए है और अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत तभी शुरू होगी, जब तय प्रमुख प्रावधान लागू होंगे।
तेहरान/दोहा: ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए साफ किया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कतर की राजधानी दोहा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए है। ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने प्रेस वार्ता में कहा, आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी कोई बातचीत तय नहीं है।
अंतिम समझौते के लिए अभी बातचीत नहीं’
प्रवक्ता ने कहा, ‘अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर यात्रा का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है। हमारा प्रतिनिधिमंडल MoU के प्रावधानों, खासकर अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा और उसे आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कतर जा रहा है।’ उन्होंने यह भी साफ किया कि व्यापक और अंतिम समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा,
हम अभी अंतिम समझौते के लिए औपचारिक बातचीत के चरण में प्रवेश नहीं कर पाए हैं।
औपचारिक वार्ता पर क्या बोले प्रवक्ता?
बगई ने बताया कि 14 सूत्रीय MoU के अनुच्छेद-13 के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के तहत तय उपायों का क्रियान्वयन शुरू हो जाए और लगातार जारी रहे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये सभी प्रावधान दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली के लिए जरूरी हैं और इनके लागू होने के बाद ही अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू की जा सकती है।
‘प्रमुख प्रावधानों का लागू होना जरूरी’
बगई ने बताया कि अनुच्छेद-11 के तहत अमेरिका को ईरान की फ्रीज या प्रतिबंधित संपत्तियों और फंड को आपसी सहमति से तय प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए जरूरी लाइसेंस और अन्य अनुमतियां भी जारी करनी होंगी, ताकि ईरान अपने पैसे का इस्तेमाल कर सके। उन्होंने दोहराया कि अनुच्छेद-13 के मुताबिक पहले इन 5 प्रमुख प्रावधानों का क्रियान्वयन शुरू होना और जारी रहना जरूरी है। इसके बाद ही अंतिम समझौते पर बातचीत आगे बढ़ेगी।
अमेरिका ने किया था बातचीत का दावा
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर मंगलवार को दोहा जाएंगे, जहां ईरान के साथ बातचीत की जाएगी। यह पहल हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों के बीच हुए तनाव और सैन्य गतिविधियों के बाद की जा रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है।

